12/01/2026 Marketing
निर्वाण षट्कम् (Nirvana Shatakam) अद्वैत वेदांत का एक अत्यंत प्रसिद्ध और गूढ़ स्तोत्र है, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। यह स्तोत्र आत्म-तत्त्व की अनुभूति कराता है और साधक को यह बोध देता है कि मैं शरीर, मन, बुद्धि या अहंकार नहीं, बल्कि शुद्ध चैतन्य स्वरूप आत्मा हूँ।
आज के समय में nirvana shatakam lyrics in hindi की खोज इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि लोग सरल भाषा में इसके गहरे आध्यात्मिक अर्थ को समझना चाहते हैं।
निर्वाण षट्कम् (Nirvana Shatakam) अद्वैत वेदांत का एक अत्यंत प्रसिद्ध और गूढ़ स्तोत्र है, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। यह स्तोत्र आत्म-तत्त्व क...
आदि योगी (Adiyogi) को योग का प्रथम गुरु माना जाता है। शिव को ही आदि योगी कहा जाता है, जिन्होंने मानवता को योग का विज्ञान प्रदान किया। आदि योगी गीत केव...
भगवान शिव को समर्पित “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” एक अत्यंत पावन, शक्तिशाली और आध्यात्मिक स्तुति है। यह मंत्र-स्तुति शिवभक्तों के लिए केवल शब्द नहीं, बल्कि...
Sanwariya Seth Bhajan हिंदू भक्ति संगीत का एक लोकप्रिय गीत है जिसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण के भाव से गाया जाता है। विशेषकर उत्तर भारत...
More Details