20/01/2026 Marketing
कर्पूर गौरम् आरती भगवान शिव की एक अत्यंत प्रसिद्ध, पवित्र और संक्षिप्त लेकिन गूढ़ अर्थों से भरपूर स्तुति है। यह आरती विशेष रूप से शिव पूजा, शिवरात्रि, सोमवार व्रत, अभिषेक, रुद्राभिषेक और दैनिक शिव आराधना में गाई जाती है।
“कर्पूर गौरम् करुणावतारम्” श्लोक केवल एक आरती नहीं, बल्कि भगवान शिव के निर्गुण और सगुण दोनों स्वरूपों का सुंदर वर्णन है। इस आरती का पाठ करने से मन शांत होता है, नकारात्मकता दूर होती है और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
कर्पूर गौरम् आरती भगवान शिव की एक अत्यंत प्रसिद्ध, पवित्र और संक्षिप्त लेकिन गूढ़ अर्थों से भरपूर स्तुति है। यह आरती विशेष रूप से शिव पूजा, शिवरात्रि,...
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खाटू श्याम जी को कलयुग के अवतारी देवता माना जाता है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था...
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