04/12/2025 Healthcare
लेसिक सर्जरी के दौरान डॉक्टर कॉर्निया की बाहरी परत में एक पतला फ्लैप बनाते हैं और फिर लेज़र की मदद से कॉर्निया का आकार बदलते हैं ताकि प्रकाश रेटिना पर सही तरह से फोकस हो सके। यह प्रक्रिया लगभग 15–20 मिनट में पूरी हो जाती है और सामान्यत: बिलकुल दर्दरहित होती है। सर्जरी के बाद अधिकांश लोग 24–48 घंटे में अपनी दृष्टि में स्पष्ट सुधार महसूस करते हैं। लेसिक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है। हालाँकि, हर व्यक्ति इस सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसलिए सर्जरी से पहले एक संपूर्ण नेत्र जांच जरूरी है, जिसमें कॉर्निया की मोटाई, आंखों की स्थिति और दृष्टि की स्थिरता का परीक्षण किया जाता है। LASIK का पूरा नाम Laser-Assisted in Situ Keratomileusis है। हिंदी में इसका अर्थ है लेज़र की मदद से कॉर्निया को पुनः आकार देना, जिससे आंखों की रोशनी सुधारने में मदद मिलती है। यह एक आधुनिक और सुरक्षित दृष्टि-सुधार प्रक्रिया है, जिसका उपयोग दूर की नज़र (Myopia), पास की नज़र (Hypermetropia) और एस्टिग्मैटिज़्म जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है।
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