Brihaspativar Vrat Katha in Hindi सपरण बहसपतवर वरत कथ
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Description
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह को “गुरु” कहा जाता है। यह ग्रह शिक्षा, धर्म, भाग्य, धन, विवाह और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है, उन्हें विशेष रूप से brihaspativar vrat katha पढ़ने और व्रत रखने की सलाह दी जाती है।